सत्तू ड्रिंक क्या है? (What is Sattu Drink?)
सत्तू ड्रिंक एक पारंपरिक भारतीय पेय है जिसे खासतौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल में गर्मियों में पीने के लिए तैयार किया जाता है। यह ड्रिंक भूने हुए चने और जौ के आटे से बनाई जाती है। सत्तू ड्रिंक केवल ताज़गी ही नहीं देती बल्कि शरीर को ऊर्जा और पोषण भी प्रदान करती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो इसे हेल्दी और एनर्जी से भरपूर पेय बनाते हैं।
सत्तू का उपयोग आयुर्वेद में भी बहुत महत्व रखता है। आयुर्वेद के अनुसार Sattu Drink पाचन क्रिया को मजबूत करता है, शरीर में ठंडक पहुंचाता है और वजन नियंत्रित करने में मदद करता है। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में लोग इसको ठंडा करके पीते हैं, जिससे शरीर को ठंडक और ताजगी मिलती है। इसके अलावा, यह ड्रिंक बच्चों, जवानों और बुजुर्गों के लिए भी फायदेमंद होती है।

सत्तू ड्रिंक के फायदे (Benefits of Sattu Drink)
सत्तू ड्रिंक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है और हाइड्रेशन बनाए रखता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो Sattu Drink आपकी डाइट का हिस्सा हो सकता है। इसमें कम कैलोरी और प्रोटीन अधिक होता है, जिससे यह एक हल्का लेकिन एनर्जी से भरपूर पेय बन जाता है।
Sattu Drink में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को सुधारती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देती है। इसके नियमित सेवन से रक्त में शुगर लेवल स्थिर रहता है, और दिल की सेहत भी अच्छी रहती है। इस ड्रिंक में मौजूद आयरन, मैग्नीशियम और पोटैशियम शरीर को पोषण प्रदान करते हैं।
सत्तू ड्रिंक बनाने की सामग्री (Ingredients for Sattu Drink)
सत्तू ड्रिंक बनाने के लिए सामग्री की सरलता इसे घर पर बनाने के लिए आसान बनाती है। इसके लिए आवश्यक सामग्री हैं:
- 2 बड़े चम्मच सत्तू पाउडर
- 1 गिलास पानी या ठंडा दूध
- 1 छोटा चम्मच नींबू का रस
- 1 चुटकी नमक या काला नमक
- 1 चम्मच शहद या गुड़ (स्वाद अनुसार)
सत्तू ड्रिंक में आप अपनी पसंद के अनुसार पुदीना, जीरा पाउडर या अदरक पाउडर भी डाल सकते हैं। यह ड्रिंक तुरंत तैयार हो जाती है और गर्मियों में ठंडा करके पीना ज्यादा अच्छा लगता है।
सत्तू ड्रिंक बनाने की विधि
सत्तू ड्रिंक बनाने की विधि बहुत आसान है। सबसे पहले एक गिलास पानी या ठंडा दूध लें। इसमें 2 बड़े चम्मच सत्तू पाउडर डालें और अच्छी तरह से मिलाएँ ताकि कोई गुठली न रहे। फिर इसमें नमक और नींबू का रस डालें। स्वाद बढ़ाने के लिए शहद या गुड़ मिलाएँ।
अगर आप ठंडा Sattu Drink पसंद करते हैं तो इसे 10 मिनट के लिए फ्रिज में रखें। सत्तू ड्रिंक तैयार है। इसे गिलास में निकालकर ऊपर से पुदीना पत्ती या चुटकी भर भुना जीरा पाउडर डालकर सर्व करें। यह ड्रिंक न केवल ताजगी देती है बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा भी प्रदान करती है।
सत्तू ड्रिंक के हेल्दी विकल्प (Healthy Variations of Sattu Drink)
सत्तू ड्रिंक के कई हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प हैं। आप इसे ठंडा, गरम या स्मूदी की तरह भी बना सकते हैं। उदाहरण के लिए:
1. नींबू-पुदीना Sattu Drink: नींबू और पुदीना मिलाकर यह ड्रिंक ज्यादा ताज़गी देती है।
2. मिल्क Sattu Drink: दूध के साथ मिलाकर इसे प्रोटीन से भरपूर बनाया जा सकता है।
3. मसाला Sattu Drink: अदरक, काला नमक और भुना जीरा डालकर इसे एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर बनाएं।
Sattu Drink का यह हेल्दी वर्ज़न बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
सत्तू ड्रिंक और वजन नियंत्रण (Sattu Drink for Weight Management)
सत्तू ड्रिंक वजन कम करने के लिए भी लाभकारी है। यह ड्रिंक पेट भरा रखती है और भूख को नियंत्रित करती है। इसका उच्च प्रोटीन और फाइबर सामग्री शरीर में कैलोरी की खपत को संतुलित करती है।
यदि आप डाइटिंग कर रहे हैं तो सुबह या शाम में Sattu Drink पी सकते हैं। यह ड्रिंक वसा नहीं बढ़ाती और शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। इसके नियमित सेवन से मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है और आप दिनभर एनर्जेटिक रहते हैं।
सत्तू ड्रिंक पीने का सही समय (Best Time to Drink Sattu Drink)
सत्तू ड्रिंक सुबह के समय खाली पेट पीना सबसे फायदेमंद है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है और दिनभर एनर्जी देता है। गर्मियों में दोपहर या शाम को भी सत्तू ड्रिंक पीना अच्छा होता है, क्योंकि यह शरीर में ठंडक बनाए रखता है और थकान कम करता है।
रात में सोने से पहले हल्का Sattu Drink पीना भी उचित है। इससे पाचन क्रिया मजबूत होती है और नींद भी अच्छी आती है।
सत्तू ड्रिंक बच्चों और बुजुर्गों के लिए (Sattu Drink for Kids & Elderly)
सत्तू ड्रिंक बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद फायदेमंद होती है। यह प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम से भरपूर है। बच्चों के लिए इसमें शहद मिलाकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है। बुजुर्गों के लिए इसे हल्का नमक और नींबू के साथ बनाया जा सकता है।
सत्तू पाचन क्रिया को मजबूत करता है और शरीर में ठंडक पहुंचाता है। इससे बच्चों को गर्मियों में एनर्जी मिलती है और बुजुर्गों का शरीर भी स्वस्थ रहता है।