मकर संक्रांति पर बनने वाले पकवान भारतीय त्योहारों में विशेष महत्व रखते हैं। यह त्योहार सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश के दिन मनाया जाता है और इसे मुख्य रूप से सर्दियों के मौसम में मनाया जाता है। मकर संक्रांति का त्योहार अपने साथ खुशियाँ, मेल-जोल और स्वादिष्ट पकवान लाता है। घर-घर में तिल, गुड़, नारियल, मूंग दाल और चावल के व्यंजन बनाए जाते हैं। इन पकवानों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है और ये स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं।
मकर संक्रांति के दिन बनाए जाने वाले व्यंजन परिवार और दोस्तों के बीच बांटे जाते हैं। खासकर तिल और गुड़ से बने पकवान न केवल स्वाद में लाजवाब होते हैं बल्कि शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा प्रदान करने में भी मदद करते हैं। इस लेख में हम आपको मकर संक्रांति पर बनने वाले 10 बेहतरीन पकवान विस्तारपूर्वक बताएंगे।
1. तिल और गुड़ की लड्डू
तिल और गुड़ की लड्डू मकर संक्रांति का सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक पकवान है। यह लड्डू केवल स्वादिष्ट नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। तिल कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन से भरपूर होता है, जबकि गुड़ प्राकृतिक मिठास और ऊर्जा का स्रोत है। सर्दियों में यह लड्डू शरीर को गर्म रखता है और थकान मिटाने में मदद करता है।
तैयारी के लिए सबसे पहले तिल को हल्की आंच पर भूनें ताकि उसका स्वाद और खुशबू बाहर आए। गुड़ को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में डालकर पिघलाएं। जब गुड़ पूरी तरह से पिघल जाए, तब भुने हुए तिल को उसमें मिलाएं। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाने के बाद गाढ़ा होने पर छोटे-छोटे लड्डू बनाएं। आप लड्डू बनाने से पहले अपने पसंदीदा मेवे जैसे काजू, बादाम या किशमिश भी मिला सकते हैं।
स्वास्थ्य लाभ: तिल और गुड़ की लड्डू हड्डियों को मजबूत बनाती है और शरीर में आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है। यह लड्डू बच्चों और बड़ों दोनों के लिए उपयुक्त है। इसके सेवन से शरीर को गर्मी मिलती है और सर्दियों में ऊर्जा बनी रहती है।

2. मूंग दाल का चिउड़ा हलवा
मूंग दाल का चिउड़ा हलवा मकर संक्रांति के दिन बनाये जाने वाले पकवानों में विशेष स्थान रखता है। यह हलवा स्वाद में मीठा और पौष्टिक होता है। मूंग दाल प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है और हलवे में घी और गुड़ डालने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। यह हलवा बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए बहुत लाभकारी है।
तैयारी में सबसे पहले मूंग दाल को भूनकर पीस लें। इसके बाद चिउड़ा, घी और गुड़ को धीमी आंच पर मिलाकर पकाएं। जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तब इसमें कटे हुए मेवे डालकर हलवे को सजाएं। हलवा तैयार होने के बाद इसे गरम-गरम परोसें। इसकी मिठास और खुशबू परिवार और मेहमानों को जरूर पसंद आएगी।
स्वास्थ्य लाभ: मूंग दाल हलवा शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है, सर्दियों में गर्मी प्रदान करता है और प्रोटीन की कमी को पूरा करता है। यह हलवा पाचन में भी सहायक है।
3. खिचड़ी
खिचड़ी मकर संक्रांति पर बनाये जाने वाले पारंपरिक पकवानों में से एक है। खिचड़ी चावल और मूंग दाल से बनाई जाती है और इसे हल्के मसालों और घी के साथ पकाया जाता है। यह पकवान स्वाद में साधारण दिखता है, लेकिन पोषण और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है।
तैयारी में चावल और मूंग दाल को धोकर पकाएं। फिर घी, नमक और हल्के मसाले डालकर धीमी आंच पर पकाएं। खिचड़ी को दही और अचार के साथ परोसा जाता है। खिचड़ी का धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि इसे मकर संक्रांति के दिन बनाना शुभ माना जाता है।
स्वास्थ्य लाभ: खिचड़ी हल्की, सुपाच्य और शरीर को गर्म रखने वाली होती है। यह पाचन को दुरुस्त करती है और सर्दियों में ऊर्जा प्रदान करती है।
4. तिल की खीर
तिल की खीर मकर संक्रांति का स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन है। इसे तिल, चावल, दूध और गुड़ से बनाया जाता है। खीर को धीमी आंच पर पकाना चाहिए ताकि इसका स्वाद और गाढ़ापन सही रहे।
तैयारी के लिए चावल को धोकर पानी में पकाएं। फिर दूध और गुड़ डालकर गाढ़ा होने तक पकाएं। अंत में तिल डालकर खीर को सजाएं। यह खीर बच्चों और बुजुर्गों, दोनों के लिए उपयुक्त होती है।
स्वास्थ्य लाभ: तिल और गुड़ से बनी खीर कैल्शियम और लौह तत्व देती है। यह शरीर को गर्म रखती है और सर्दियों में ऊर्जा प्रदान करती है।
5. अरंडी का हलवा
अरंडी का हलवा मकर संक्रांति के दिन बनाये जाने वाले विशेष पकवानों में शामिल है। अरंडी के बीज, गुड़ और घी से बनाया गया यह हलवा स्वाद में मीठा और पौष्टिक होता है।
तैयारी में अरंडी को पीसकर गुड़ और घी के साथ पकाएं। हलवा गाढ़ा होने पर कटे मेवे डालें। यह हलवा शरीर को गर्म रखता है और बच्चों व बुजुर्गों दोनों के लिए ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।
स्वास्थ्य लाभ: अरंडी का हलवा हड्डियों को मजबूत बनाता है, पाचन को दुरुस्त करता है और सर्दियों में शरीर को गर्म रखता है।
6. नारियल और गुड़ की मिठाई
नारियल और गुड़ की मिठाई मकर संक्रांति पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजनों में सबसे खास मानी जाती है। इस मिठाई का स्वाद न केवल लाजवाब होता है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होती है। नारियल में वसा और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं और पाचन को मजबूत बनाते हैं। गुड़ प्राकृतिक मिठास और लौह तत्वों का स्रोत है, जो रक्त में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है।
तैयारी के लिए सबसे पहले ताजा नारियल कद्दूकस करें। गुड़ को छोटे टुकड़ों में काटकर पानी में डालकर पिघलाएं। इसके बाद पिघले हुए गुड़ में नारियल डालकर धीमी आंच पर पकाएं। जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तब इसमें काजू और किशमिश डालकर अच्छे से मिलाएं। मिश्रण हल्का ठंडा होने पर इसे छोटे-छोटे बिस्किट या गोल आकार में काट लें। यह मिठाई बच्चों और बड़ों दोनों के लिए एक ऊर्जा का स्रोत होती है और त्योहार की रौनक बढ़ाती है।
स्वास्थ्य लाभ: नारियल और गुड़ की मिठाई शरीर को गर्म रखती है और सर्दियों में ऊर्जा देती है। यह कैल्शियम, आयरन और फाइबर का अच्छा स्रोत है। मकर संक्रांति पर यह मिठाई बनाना और बांटना पारंपरिक रीति-रिवाज का हिस्सा है।
7. तिल और मूंगफली की बर्फी
तिल और मूंगफली की बर्फी मकर संक्रांति पर बनने वाले मीठे पकवानों में से एक बहुत ही लोकप्रिय व्यंजन है। यह बर्फी स्वाद में मीठी और कुरकुरी होती है। तिल और मूंगफली का संयोजन स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।
बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले तिल और मूंगफली को हल्का भून लें। गुड़ को पिघलाकर इसमें तिल और मूंगफली डालें। मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर गाढ़ा होने पर बर्फी के आकार में काट लें। इसे ठंडा करके परोसें। यह बर्फी बच्चों और बड़ों, दोनों के लिए ऊर्जा का अच्छा स्रोत होती है।
स्वास्थ्य लाभ: तिल और मूंगफली बर्फी हड्डियों को मजबूत बनाती है, शरीर को गर्म रखती है और सर्दियों में ऊर्जा देती है। यह प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन का अच्छा स्रोत है। मकर संक्रांति पर इसे बनाना और बांटना शुभ माना जाता है।
8. रागी लड्डू
रागी लड्डू मकर संक्रांति पर स्वास्थ्य और ऊर्जा देने वाला एक उत्कृष्ट पकवान है। रागी एक पौष्टिक अनाज है, जिसमें कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। रागी लड्डू बच्चों, बुजुर्गों और शिशुओं के लिए बहुत लाभकारी होता है।
तैयारी के लिए रागी का आटा हल्की आंच पर भूनें। फिर इसमें गुड़ और घी मिलाकर गाढ़ा मिश्रण तैयार करें। जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तब इसे छोटे-छोटे लड्डू के रूप में बनाएं। इन लड्डुओं को आप कटे मेवे जैसे बादाम और काजू से सजा सकते हैं। रागी लड्डू सर्दियों में शरीर को गर्म रखते हैं और ऊर्जा का उत्कृष्ट स्रोत हैं।
स्वास्थ्य लाभ: रागी लड्डू हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, शरीर में गर्मी पैदा करते हैं और ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह लड्डू बच्चों के विकास और वयस्कों के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है।
9. खजूर और गुड़ की मिठाई
खजूर और गुड़ की मिठाई मकर संक्रांति के दिन बनने वाले पारंपरिक व्यंजनों में शामिल है। खजूर प्राकृतिक मिठास और ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है। गुड़ के साथ मिलकर यह मिठाई स्वाद में लाजवाब और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बन जाती है।
तैयारी में खजूर को बारीक काटें और गुड़ के साथ धीमी आंच पर पकाएं। गाढ़ा होने पर हल्के मेवे डालें और ठंडा होने पर छोटे टुकड़ों में काट लें। यह मिठाई बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए लाभकारी है और मकर संक्रांति के त्योहार की मिठास बढ़ाती है।
स्वास्थ्य लाभ: खजूर और गुड़ शरीर को गर्म रखते हैं, ऊर्जा प्रदान करते हैं और पाचन को दुरुस्त करते हैं। यह मिठाई आयरन और कैल्शियम का भी अच्छा स्रोत है।
10. गुड़ और घी की तिलपुरी
गुड़ और घी की तिलपुरी मकर संक्रांति का अंतिम और बहुत ही लोकप्रिय पकवान है। इसे बनाने के लिए तिल, गुड़ और घी का इस्तेमाल होता है। तिलपुरी न केवल स्वाद में लाजवाब होती है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होती है।
तैयारी में तिल को हल्की आंच पर भूनें और गुड़ व घी में मिलाएं। मिश्रण गाढ़ा होने पर तिलपुरी के आकार में काट लें। यह व्यंजन बच्चों और बड़ों दोनों के लिए ऊर्जा और गर्मी का स्रोत है।
स्वास्थ्य लाभ: तिलपुरी कैल्शियम और लौह तत्व देती है। यह शरीर को गर्म रखती है, सर्दियों में ऊर्जा प्रदान करती है और मकर संक्रांति के त्योहार पर पारंपरिक रीति-रिवाजों का हिस्सा है।
निष्कर्ष
मकर संक्रांति पर बनने वाले पकवान न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होते हैं। तिल, गुड़, मूंग दाल, नारियल, रागी और खजूर जैसी सामग्रियों से बने ये व्यंजन शरीर को गर्म रखते हैं, ऊर्जा प्रदान करते हैं और त्योहार की मिठास बढ़ाते हैं। इन पकवानों को बनाकर परिवार और दोस्तों के साथ बांटना मकर संक्रांति की सबसे बड़ी खूबसूरती है।