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पाव भाजी मसाला भारतीय रसोई का एक अत्यंत लोकप्रिय मसाला मिश्रण है जो मुंबई के स्ट्रीट फूड से निकलकर देश भर के घरों में अपनी विशेष जगह बना चुका है। पाव भाजी मसाला न केवल पाव भाजी बल्कि तवा पुलाव और अन्य भूनी हुई सब्जियों के स्वाद को निखारने का काम करता है। बाजार में कई तरह के पाव भाजी मसाले उपलब्ध हैं, लेकिन घर पर बना ताजा मसाला न केवल स्वाद में बेहतर होता है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा होता है क्योंकि इसमें किसी तरह के संरक्षक या अशुद्धियां नहीं होतीं।
इस लेख में हम आपको घर पर पाव भाजी मसाला बनाने की विस्तृत विधि बताएंगे, साथ ही इसके भंडारण और उपयोग के बारे में भी जानकारी देंगे।

मसाले की तैयारी
पाव भाजी मसाला बनाने के लिए सबसे पहले आवश्यक है कि सभी मसालों को सही मात्रा में एकत्रित कर लिया जाए। मसालों की सूची में मुख्य रूप से साबुत धनिया, जीरा, सौंफ, लाल मिर्च, बड़ी इलाइची, दालचीनी, काली मिर्च, लौंग, अजवायन, अदरक पाउडर, अमचूर पाउडर, काला नमक, अनार दाना, जायफल और हल्दी पाउडर शामिल हैं । मसालों की मात्रा को ध्यानपूर्वक तौल लेना चाहिए क्योंकि प्रत्येक मसाले का अनुपात ही मसाले के स्वाद को संतुलित बनाता है।
लगभग 150 ग्राम मसाला बनाने के लिए आपको 25 ग्राम साबुत धनिया, 15 ग्राम जीरा, 10 ग्राम सौंफ, 20 साबुत लाल मिर्च (लगभग 20 ग्राम), 10 बड़ी इलाइची, 5 ग्राम दालचीनी, 5 ग्राम काली मिर्च, 3 ग्राम लौंग, 3 ग्राम अजवायन, 10 ग्राम अदरक पाउडर, 15 ग्राम अमचूर पाउडर, 15 ग्राम काला नमक, 5 ग्राम अनार दाना, 4 ग्राम जायफल और 10 ग्राम हल्दी पाउडर की आवश्यकता होगी । कुछ विधियों में तेजपत्ता, हरी इलाइची, और हींग का प्रयोग भी किया जाता है ।
भूनने की विधि
मसालों को भूनना पाव भाजी मसाला बनाने का सबसे महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि इसी प्रक्रिया से मसालों का सुगंधित स्वाद बाहर आता है। सबसे पहले एक भारी तले वाली कड़ाही या पैन को मध्यम आंच पर गर्म करें। इसमें साबुत धनिया, जीरा, सौंफ, लाल मिर्च, बड़ी इलाइची, दालचीनी, काली मिर्च, लौंग, अनार दाना और अजवायन को डालें । मसालों को लगातार चलाते रहें ताकि वह जले नहीं। मसालों को केवल 1-2 मिनट तक भूनना पर्याप्त होता है, जब तक कि उनसे हल्की सी सुगंध न आने लगे ।
मसालों का रंग बदलने तक भूनें, लेकिन ध्यान रखें कि वह जलें नहीं, नहीं तो मसाले का स्वाद कड़वा हो सकता है। भूनने के बाद मसालों को तुरंत पैन से निकाल कर एक अलग प्लेट में फैला दें ताकि वह जल्दी ठंडे हो सकें। कुछ लोग इन मसालों को थोड़े से तेल में भूनने की सलाह भी देते हैं ।

पीसने का तरीका
मसालों के पूरी तरह ठंडा हो जाने के बाद, उन्हें मिक्सी के जार में डाल कर बारीक पीस लें । मसालों को पीसते समय एक सावधानी रखनी बहुत जरूरी है – मिक्सी के जार को तुरंत नहीं खोलना चाहिए क्योंकि पाव भाजी मसाला का बारीक पाउडर हवा में उड़ कर आपके मुंह और आंखों में जा सकता है । मिक्सी चलाने के लगभग 2 मिनट बाद ही जार का ढक्कन खोलें। मसालों को इतना बारीक पीसें कि वह एक महीन पाउडर का रूप ले लें। अगर मसाले पूरी तरह बारीक नहीं हुए हैं, तो आप इस मिश्रण को एक सूप वाली छलनी से छान लें और बचे हुए मोटे मसालों को दोबारा पीस लें ।
इस तरह आपको एक समान और बारीक पाउडर प्राप्त होगा। पीसने के बाद इसमें अदरक पाउडर, अमचूर पाउडर, हल्दी पाउडर और काला नमक जैसे पहले से ही पिसे हुए मसाले मिला दें । सभी मसालों को अच्छी तरह मिला लें ताकि मसाले का मिश्रण एक समान हो जाए।

भंडारण विधि
तैयार पाव भाजी मसाले को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए सही भंडारण विधि का ज्ञान होना आवश्यक है। मसाला पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद उसे एक साफ और पूरी तरह सूखे एयरटाइट कंटेनर में भर कर रख देना चाहिए । कंटेनर के ढक्कन को अच्छी तरह बंद कर दें ताकि हवा अंदर न जा सके। मसाले के कंटेनर को हमेशा ठंडी, सूखी और सीधी धूप से दूर जगह पर रखना चाहिए। इस तरह उचित ढंग से संग्रहित किया गया घर का बना पाव भाजी मसाला लगभग 6 महीने तक अच्छा रह सकता है ।
जरूरत पड़ने पर ही कंटेनर का ढक्कन खोलें और आवश्यकतानुसार मसाला निकाल कर तुरंत ढक्कन बंद कर दें, इससे मसाले की ताजगी बरकरार रहती है। मसाले को कभी भी गीले चम्मच से न निकालें, नहीं तो उसमें नमी चली जाएगी और मसाला खराब हो सकता है।
स्वास्थ्य लाभ
घर पर बना पाव भाजी मसाला न केवल स्वाद में बेहतर होता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें शुद्ध और प्राकृतिक मसालों का इस्तेमाल होता है। इसमें मौजूद धनिया और जीरा पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। अदरक पाउडर (सोंठ) सर्दी-जुकाम और जोड़ों के दर्द में राहत देता है। हल्दी अपने एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुणों के लिए जानी जाती है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। काली मिर्च मेटाबॉलिज्म को सुधारने और पोषक तत्वों के अवशोषण में सहायक होती है।
अमचूर पाउडर विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत है। चूंकि आप इस मसाले को खुद बना रहे हैं, इसलिए आप इसमें नमक की मात्रा को भी नियंत्रित कर सकते हैं, जो उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए लाभकारी हो सकता है। इस प्रकार, यह स्वास्थ्यवर्धक मसाला न केवल भोजन का जायका बढ़ाता है बल्कि आपके स्वास्थ्य का भी ख्याल रखता है।
उपयोग के तरीके
पाव भाजी मसाला मुख्य रूप से पाव भाजी बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन इसके व्यंजनों में उपयोग की संभावनाएं इससे कहीं अधिक हैं। जाहिर है, इस मसाले का सबसे प्रसिद्ध उपयोग स्वादिष्ट और मसालेदार पाव भाजी तैयार करने में होता है। भाजी बनाते समय, उबली और मैश की हुई सब्जियों में इस मसाले को डाला जाता है । इसके अलावा, आप इस मसाले का इस्तेमाल तवा पुलाव बनाने में भी कर सकते हैं । साधारण तवे पर भूनकर बनाई जाने वाली सब्जियों में भी इस मसाले को डालकर उनके स्वाद को बढ़ाया जा सकता है ।
कुछ लोग इसे समोसा या कचौरी के भरावन में भी मिलाते हैं ताकि उनमें एक अलग ही स्वाद आ सके। आप चाहें तो इस मसाले को अपनी डिप्स या चटनी में भी मिला सकते हैं। इस प्रकार, यह पाव भाजी मसाला आपकी रसोई में एक बहुमुखी मसाले की भूमिका निभा सकता है।
सावधानियां
पाव भाजी मसाला बनाते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिएं ताकि अंतिम परिणाम संतोषजनक हो। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मसालों को भूनते समय आंच हमेशा धीमी रखें और उन्हें लगातार चलाते रहें ताकि मसाले जलें नहीं । जले हुए मसाले मसाले के स्वाद को कड़वा बना सकते हैं। दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि मसालों को पीसने से पहले पूरी तरह ठंडा होने दें, नहीं तो मसालों में नमी बनी रह सकती है और पाउडर गीला हो सकता है। मिक्सी में पीसते समय जार का ढक्कन तुरंत न खोलें । अगर आपको कोई मसाला, जैसे जायफल या अदरक पाउडर, उपलब्ध नहीं है, तो घबराएं नहीं।
आप उन्हें छोड़ सकते हैं या फिर उनके विकल्प के बारे में सोच सकते हैं । उदाहरण के लिए, अगर आपके पास अनार दाना नहीं है, तो आप थोड़ा अतिरिक्त अमचूर पाउडर डाल सकते हैं। मसाला बनाते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें।

निष्कर्ष
घर पर पाव भाजी मसाला बनाना एक सरल और आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद प्रक्रिया है। इस लेख में दी गई मसाला बनाने की विधि का पालन करके आप बाजार में मिलने वाले मसालों के विकल्प के रूप में एक शुद्ध, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक मसाला तैयार कर सकते हैं। इस मसाले की खुशबू और स्वाद आपके व्यंजनों में एक नया जीवन भर देगी। तो, अगली बार जब आप पाव भाजी बनाने का विचार करें, तो बाजार के मसाले पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने हाथों से सजीव और सुगंधित पाव भाजी मसाला तैयार करें और अपने परिवार को एक अनोखा स्वाद प्रदान करें। घर का बना मसाला निस्संदेह आपकी रसोई की शान बढ़ाएगा।