होली का त्योहार रंगों और मिठास का प्रतीक है। इस खास मौके पर हम होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं इस विषय पर चर्चा करेंगे। ये मिठाईयाँ न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होती हैं बल्कि हमारे पुराने गाँव की यादें भी ताजा कर देती हैं।
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Toggleहोली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – गुजिया
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं इस में सबसे पहली और प्रिय मिठाई है गुजिया। गुजिया बनाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है, खासकर उत्तर भारत के गाँवों में। हर गाँव में अलग-अलग तरीके से गुजिया बनाई जाती है, लेकिन असली स्वाद वही है जो घर पर घी और खोया से बनाया जाए। गुजिया बनाने के लिए सबसे पहले आटे को अच्छे से गूंधना जरूरी है। आटे में थोड़ा घी मिलाएँ ताकि गुजिया कुरकुरी और स्वादिष्ट बने। इसके बाद खोया और सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम और किशमिश का मिश्रण तैयार करें।
यह मिश्रण गुजिया में भरने के लिए तैयार होना चाहिए। गुजिया को तैरते हुए घी में सुनहरा होने तक तलें। तलते समय ध्यान रखें कि आंच बहुत तेज न हो, ताकि गुजिया अंदर तक अच्छी तरह पक जाए। तली हुई गुजिया को ठंडा होने के बाद सर्व करें। गाँव की गुजिया का स्वाद शहर की बनाई हुई गुजिया से अलग होता है क्योंकि इसमें प्राकृतिक सामग्री और शुद्ध घी का इस्तेमाल होता है।
होली पर घर में गुजिया बनाना सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि पूरे परिवार को त्योहार की खुशियाँ भी देता है। बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को यह मिठाई बहुत पसंद आती है। इसके साथ आप गुलाल और रंग-बिरंगे सजावट के साथ प्लेट में परोस सकते हैं। गुजिया के साथ चाय या ठंडी लस्सी सर्व करना भी गाँव के त्योहारों की परंपरा है। इस प्रकार, होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं की शुरुआत गुजिया से करना सबसे परंपरागत तरीका है।

होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – नारियल की बर्फी
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में नारियल की बर्फी भी बेहद लोकप्रिय है। यह मिठाई बनाना आसान है और स्वाद में बेहद लाजवाब। गाँव में नारियल की बर्फी हमेशा त्योहार के दिन बनाई जाती थी, खासकर उन जगहों पर जहां ताजा नारियल आसानी से उपलब्ध होता था। इस मिठाई के लिए ताजा कद्दूकस किया नारियल, शक्कर, दूध और इलायची पाउडर आवश्यक है। सबसे पहले पैन में नारियल और दूध डालकर मध्यम आंच पर पकाएँ।
मिश्रण को लगातार चलाते रहें ताकि यह तले में चिपके नहीं। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे, तब इसमें शक्कर डालें और इलायची पाउडर मिलाएँ। इस मिश्रण को हल्का ठंडा होने पर एक थाली में फैलाएँ और चाकू से मनचाही आकृति में काट लें। नारियल की बर्फी की खासियत यह है कि इसका स्वाद ताजा नारियल और इलायची के खुशबू से और भी बढ़ जाता है। गाँवों में इसे बड़े चाव से बनाया जाता था और पड़ोसियों को भी बांटा जाता था। होली पर बच्चों से लेकर बड़े सभी इस मिठाई को बड़े उत्साह से खाते हैं।

होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – बेसन लड्डू
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में बेसन लड्डू का नाम सबसे ऊपर आता है। बेसन लड्डू पारंपरिक मिठाई है, जिसे गाँवों में हर त्योहार पर बड़े चाव से बनाया जाता है। इसे बनाने की खासियत यह है कि इसमें केवल बेसन, घी, शक्कर और इलायची जैसी साधारण सामग्री लगती है, लेकिन स्वाद और खुशबू लाजवाब होती है। सबसे पहले घी को पैन में गरम करें और उसमें बेसन डालकर मध्यम आंच पर भूनें। बेसन को तब तक भूनें जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा और खुशबू मधुर न हो जाए।
भुने हुए बेसन में ठंडी शक्कर और इलायची पाउडर मिलाएँ। फिर मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें और हाथों से गोल-गोल लड्डू बनाएँ। गाँवों में इस प्रक्रिया को परिवार के सभी सदस्य मिलकर करते थे। बच्चे बेसन को छानने और लड्डू बनाने में मदद करते थे, जिससे त्योहार का मज़ा दोगुना हो जाता था। बेसन लड्डू खाने में हल्के, मीठे और खुशबूदार होते हैं। इसे आप रंग-बिरंगे थालियों में सजाकर होली के दिन सर्व कर सकते हैं।
बेसन लड्डू सिर्फ स्वाद में ही नहीं बल्कि पौष्टिकता में भी बढ़िया होते हैं। इसमें प्रोटीन होता है और घी के कारण ऊर्जा भी मिलती है। पुराने गाँवों में यह मिठाई त्योहार के दिन पड़ोसियों और रिश्तेदारों में बांटी जाती थी, जिससे प्यार और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती थी। इसलिए होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में बेसन लड्डू एक जरूरी और प्रिय विकल्प है।

होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – दूध की peda
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में दूध की पेड़ा एक और पारंपरिक विकल्प है। पेड़ा बनाने के लिए ताजा दूध और घी का इस्तेमाल सबसे जरूरी है। गाँवों में होली पर घर के पास स्थित दूध की दुकान से ताजा दूध लाकर इसे बनाया जाता था। सबसे पहले दूध को धीमी आंच पर पकाएँ और लगातार चलाएँ ताकि यह जल न जाए। जब दूध गाढ़ा हो जाए, तब उसमें शक्कर और इलायची डालकर मिश्रण तैयार करें। मिश्रण को ठंडा होने दें और फिर हाथ से छोटे-छोटे गोल पेड़े बनाएं। दूध की पेड़ा बच्चों और बड़ों दोनों के बीच बेहद लोकप्रिय होती है।
गाँव में यह मिठाई त्योहार के दिन खास अवसरों पर बनाई जाती थी और इसे पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों में भी चढ़ाया जाता था। पेड़ा का स्वाद इस मिठाई को अन्य मिठाइयों से अलग करता है। गाँव की पेड़ा हमेशा ताजगी और शुद्धता के लिए जानी जाती है। इसमें कोई मिलावट नहीं होती और शुद्ध घी तथा दूध के कारण इसका स्वाद बेहद नैचुरल और खुशबूदार होता है। इसलिए होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में दूध की पेड़ा जरूर शामिल होनी चाहिए। इसे आप रंग-बिरंगे डिब्बों में सजाकर बच्चों को बाँट सकते हैं।
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – चीनी की कली
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में चीनी की कली एक पुरानी पारंपरिक मिठाई है। गाँवों में होली पर यह मिठाई खासतौर पर बच्चों के लिए बनाई जाती थी। इसे बनाने के लिए साधारण चीनी, पानी और घी का इस्तेमाल होता है। सबसे पहले चीनी और पानी को पैन में डालकर गाढ़ा सिरप तैयार करें। इस सिरप को तब तक पकाएँ जब तक यह हल्का गाढ़ा और तैलीय न हो जाए। गाँवों में यह मिश्रण हाथ से या लकड़ी की छड़ी से गोल-गोल आकार में बनाया जाता था।
इसे तलने की जरूरत नहीं होती, बस घी की हल्की चादर में इसे सेट कर लिया जाता है। जब चीनी की कली तैयार हो जाए, तब इसे सजाकर प्लेट में रखें और होली के दिन बच्चों को दें। इसका स्वाद मीठा, हल्का और कुरकुरा होता है। चीनी की कली पुराने समय की मिठाई है, जिसे आज भी गाँव के लोग अपने त्योहारों पर बनाते हैं। इसमें कोई मिलावट नहीं होती और इसे बनाने में समय भी बहुत कम लगता है। इसलिए होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में चीनी की कली भी जरूर शामिल करें।

होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – मावे की बर्फी
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में मावे की बर्फी एक बहुत ही लोकप्रिय और पारंपरिक विकल्प है। मावा (खोया) से बनी बर्फी स्वाद में बेहद समृद्ध और खुशबूदार होती है। गाँवों में होली पर मावे की बर्फी बनाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। इसे बनाने के लिए ताजा मावा, शक्कर, घी और थोड़ी इलायची पाउडर की आवश्यकता होती है। सबसे पहले मावे को कड़ाही में हल्का भून लें ताकि उसका स्वाद और खुशबू बाहर आए। फिर इसमें शक्कर मिलाएँ और लगातार चलाते रहें ताकि मिश्रण एक समान गाढ़ा हो जाए।
जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे, तब घी और इलायची पाउडर मिलाएँ। अब इसे हल्के ग्रीस लगी प्लेट में फैलाएँ और ठंडा होने पर मनचाही आकृति में काट लें। मावे की बर्फी गाँवों में बच्चों और बड़ों दोनों के लिए त्योहार का खास आनंद होती है। मावे की बर्फी न केवल स्वाद में लाजवाब होती है बल्कि पोषण में भी समृद्ध होती है। यह मिठाई लंबे समय तक खराब नहीं होती और इसे आसानी से स्टोर किया जा सकता है। होली के दिन इसे रंग-बिरंगे डिब्बों या प्लेटों में सजाकर परिवार और दोस्तों के साथ बांटा जाता है। इसलिए होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में मावे की बर्फी एक आवश्यक मिठाई है।
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – दाल का हलवा
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में दाल का हलवा भी पारंपरिक सूची में शामिल है। यह मिठाई खासतौर पर ठंडे मौसम और होली के अवसर पर बनाई जाती है। गाँवों में दाल का हलवा बनाने के लिए मूँग या मसूर की दाल का इस्तेमाल किया जाता था। सबसे पहले दाल को अच्छी तरह से धोकर भूनें और फिर घी में पकाएँ। इसके बाद इसमें शक्कर मिलाएँ और धीमी आंच पर पकाते रहें। हलवा गाढ़ा होने पर इलायची और केसर डालकर स्वाद बढ़ाएँ।
गाँवों में दाल का हलवा त्योहारों पर खासकर बड़े और बुजुर्गों को भेंट किया जाता था। यह मिठाई स्वाद में समृद्ध, पौष्टिक और ऊर्जा से भरपूर होती है। दाल का हलवा बच्चों और बड़ों दोनों के बीच बेहद प्रिय है। होली पर इसे गरमा-गरम सर्व करें और पारंपरिक थाली में सजाएँ। इसे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है। इसलिए होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में दाल का हलवा एक आवश्यक मिठाई है।

होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – नारियल लड्डू
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में नारियल लड्डू एक आसान और स्वादिष्ट विकल्प है। गाँवों में इसे त्योहार पर बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाया जाता है। नारियल लड्डू बनाने के लिए ताजा नारियल कद्दूकस किया हुआ, शक्कर और थोड़ी इलायची की आवश्यकता होती है। सबसे पहले नारियल और शक्कर को पैन में मध्यम आंच पर हल्का भूनें। मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें और फिर हाथों से गोल-गोल लड्डू बनाएं।
नारियल लड्डू बनाने की प्रक्रिया में बच्चे भी मदद कर सकते हैं, जिससे होली का मज़ा और बढ़ जाता है। नारियल लड्डू स्वाद में हल्के, मीठे और खुशबूदार होते हैं। इसे रंग-बिरंगे डिब्बों में रखकर परिवार और पड़ोसियों में बांटा जा सकता है। इसलिए होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में नारियल लड्डू एक आसान और प्रिय विकल्प है।
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – चासनी वाली मिठाई
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में चासनी वाली मिठाई भी एक पारंपरिक और लाजवाब विकल्प है। गाँवों में इसे त्योहार के अवसर पर बनाना आम था। इस मिठाई के लिए शक्कर, पानी और घी मुख्य सामग्री है। सबसे पहले शक्कर और पानी को पैन में डालकर गाढ़ा सिरप तैयार करें। फिर इसमें घी मिलाकर मिश्रण को अच्छे से चलाएँ। जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तो इसे मनचाही आकृति में डालकर ठंडा होने दें।
चासनी वाली मिठाई स्वाद में मीठी और कुरकुरी होती है, जिसे बच्चे और बड़े दोनों पसंद करते हैं। गाँव की यह मिठाई पुराने समय से होली पर बनाई जाती रही है और इसे रंग-बिरंगे डिब्बों में सजाकर बांटा जाता है। इसलिए होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में चासनी वाली मिठाई शामिल करना जरूरी है।

होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं – हल्दी बेसन का ladoo
होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में हल्दी बेसन लड्डू एक बहुत ही पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक मिठाई है। गाँवों में इसे होली और अन्य त्योहारों पर विशेष रूप से बनाया जाता था। हल्दी बेसन लड्डू बनाने के लिए बेसन, घी, हल्दी पाउडर और शक्कर की आवश्यकता होती है।
सबसे पहले बेसन और हल्दी पाउडर को घी में भूनें। जब मिश्रण हल्का सुनहरा और खुशबूदार हो जाए, तब इसमें शक्कर मिलाएँ। मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें और हाथों से गोल-गोल लड्डू बनाएँ। यह लड्डू स्वाद में हल्का मीठा और खुशबूदार होता है। हल्दी बेसन लड्डू बच्चों और बड़ों दोनों के लिए ऊर्जा और पोषण का स्रोत है। गाँवों में होली पर इसे बड़े चाव से बनाया जाता था और पड़ोसियों में बांटा जाता था। इसलिए होली पर गांव की मिठाई कैसे बनाएं में हल्दी बेसन लड्डू जरूर शामिल करें।