मकर संक्रांति के दिन क्या-क्या बनना चाहिए यह सवाल हर घर में त्योहार से पहले आता है। मकर संक्रांति एक पावन अवसर है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और नया साल, नई ऊर्जा और नई उम्मीदें लेकर आता है। इस दिन खाने-पीने की चीजें केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और परंपरा दोनों के हिसाब से महत्वपूर्ण होती हैं। खासकर तिल, गुड़, मूंगफली और खिचड़ी जैसे व्यंजन परंपरा में हमेशा से शामिल रहे हैं। यह व्यंजन न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होते हैं बल्कि शरीर को ठंड में गर्मी और ताकत देने के लिए भी बेहतरीन हैं।
त्योहार के दिन सही व्यंजन बनाना एक तरह से परिवार और बच्चों के लिए प्यार और देखभाल दिखाने का तरीका भी है। इसलिए अगर आप सोच रहे हैं कि मकर संक्रांति के दिन क्या-क्या बनना चाहिए, तो हमने यहाँ 10 सबसे जरूरी और लोकप्रिय व्यंजनों की सूची बनाई है, जिन्हें बनाकर आप अपने त्योहार को यादगार बना सकते हैं।
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Toggleमकर संक्रांति के दिन तिल के लड्डू
मकर संक्रांति के दिन तिल के लड्डू बनाना सबसे पुरानी और लोकप्रिय परंपरा है। तिल और गुड़ का संयोजन स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। तिल में कैल्शियम और प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है, जबकि गुड़ आयरन और ऊर्जा का अच्छा स्रोत है। इन दोनों का मिश्रण शरीर को ठंड में गर्म रखने और ऊर्जा बढ़ाने का काम करता है। तिल के लड्डू बनाने की प्रक्रिया भी बहुत आसान है।
सबसे पहले तिल को हल्का भूनें ताकि उसका स्वाद और खुशबू बढ़ जाए। फिर गुड़ को पानी में पिघलाकर तिल के साथ अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर छोटे-छोटे लड्डू बनाएं। इन्हें आप परिवार और मित्रों में बांट सकते हैं। तिल के लड्डू केवल खाने के लिए नहीं, बल्कि इस दिन उन्हें सूर्य को अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। यह परंपरा हमारे जीवन में मिठास और ऊर्जा दोनों लाती है।

मकर संक्रांति के दिन मूंगफली के लड्डू
मकर संक्रांति के दिन मूंगफली के लड्डू बनाना एक और प्रिय परंपरा है। मूंगफली प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होती है, जो शरीर को ताकत और ऊर्जा देती है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद फायदेमंद व्यंजन है। मूंगफली के लड्डू बनाने के लिए मूंगफली को हल्का भूनकर उसका स्वाद और खुशबू बढ़ाई जाती है। फिर इसे गुड़ या शहद के साथ मिलाकर छोटे-छोटे लड्डू तैयार किए जाते हैं। इन लड्डुओं का स्वाद मीठा और हल्का होता है, जो खाने में बहुत आनंद देता है।
मूंगफली के लड्डू का महत्व केवल स्वाद में ही नहीं बल्कि इसकी पोषण क्षमता में भी है। यह शरीर को सर्दियों में गर्म रखता है और जल्दी पच जाता है। मकर संक्रांति पर इन लड्डुओं को बनाना एक तरह से परिवार और बच्चों के लिए प्यार दिखाने का तरीका भी है।

मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी
मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाना एक धार्मिक और स्वास्थ्यवर्धक परंपरा है। खिचड़ी में चावल और मूंग दाल का मिश्रण होता है, जिसे घी, हल्दी, हींग और अन्य हल्के मसालों के साथ पकाया जाता है। यह न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि पचाने में भी आसान होती है। खिचड़ी खाने से शरीर हल्का और ताजगी महसूस करता है, जो त्योहार के दिन जरूरी होता है। खासकर सुबह स्नान के बाद खिचड़ी खाने का महत्व है, क्योंकि इसे सूर्य देव को अर्पित किया जाता है और परिवार के सभी सदस्य इसे साझा करके भोजन करते हैं।
खिचड़ी को घी के साथ परोसने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। इसे आप ऊपर से ताजा धनिया और हल्का भुना हुआ जीरा डालकर सज सकते हैं। खिचड़ी का महत्व केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह त्यौहार के दिन स्वास्थ्य और परंपरा दोनों को जोड़ने वाला व्यंजन है।

मकर संक्रांति के दिन उड़द दाल का हलवा
मकर संक्रांति के दिन उड़द दाल का हलवा बनाना भी एक पारंपरिक मिठाई है। उड़द दाल में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है और हलवा बनाने से यह जल्दी पचने योग्य बन जाता है। यह हलवा विशेष रूप से सुबह के समय या व्रत के दौरान बनाकर सूर्य को अर्पित किया जाता है। उड़द दाल को पहले भूनकर उसका स्वाद और खुशबू बढ़ाई जाती है। फिर इसे घी और चीनी के साथ मिलाकर हलवा बनाया जाता है। हलवे में स्वाद के साथ-साथ पोषण भी होता है, जिससे पूरे परिवार को ऊर्जा मिलती है।
यह मिठाई बच्चों और बुजुर्ग दोनों के लिए उपयुक्त है। आप हलवे में कटे हुए काजू और पिस्ता डालकर इसे और सुंदर और स्वादिष्ट बना सकते हैं। मकर संक्रांति पर उड़द दाल का हलवा बनाना हमारी सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखने का एक तरीका भी है।

मकर संक्रांति के दिन गुड़ की चिउड़ा मिठाई
मकर संक्रांति के दिन गुड़ की चिउड़ा मिठाई बनाना हर घर में बेहद आम है। चिउड़ा (फ्लैट राइस) और गुड़ का संयोजन स्वाद और पोषण दोनों में बेहतरीन होता है। यह मिठाई विशेष रूप से सुबह के समय बनाई जाती है और सूर्य को अर्पित की जाती है। चिउड़ा और गुड़ का मिश्रण ऊर्जा और गर्मी प्रदान करता है, जिससे पूरे दिन ताजगी बनी रहती है। इसे बनाने की प्रक्रिया सरल है: चिउड़ा को हल्का भूनें, गुड़ को पिघलाएं और दोनों को अच्छी तरह मिलाएं। आप चाहें तो इसमें खोया या नारियल भी डाल सकते हैं। इस व्यंजन का महत्व केवल स्वाद में ही नहीं है, बल्कि यह त्योहार की खुशी और पारिवारिक एकता को भी दर्शाता है।
मकर संक्रांति के दिन नारियल के लड्डू
मकर संक्रांति के दिन नारियल के लड्डू बनाना स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतरीन है। नारियल में कैल्शियम, फाइबर और अच्छे फैट्स होते हैं जो शरीर को ताकत और ऊर्जा प्रदान करते हैं। नारियल के लड्डू बनाने के लिए कद्दूकस किया हुआ नारियल, गुड़ या चीनी और थोड़ी घी की आवश्यकता होती है। इसे अच्छी तरह मिलाकर छोटे-छोटे गोल लड्डू तैयार किए जाते हैं। नारियल के लड्डू न केवल खाने में स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि त्योहार की थाली में रंग और सुंदरता भी जोड़ते हैं। यह व्यंजन बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए उपयुक्त है और मकर संक्रांति पर इसे बनाना पारंपरिक रीति है।
मकर संक्रांति के दिन रेवड़ी
मकर संक्रांति के दिन रेवड़ी बनाना एक बहुत ही लोकप्रिय परंपरा है। रेवड़ी तिल और गुड़ या चीनी से बनाई जाती है। यह सर्दियों में शरीर को गर्मी देती है और ऊर्जा बढ़ाती है। रेवड़ी बनाने के लिए तिल को भूनकर गुड़ या चीनी में मिलाया जाता है और छोटे गोल या चौकोर टुकड़े बनाए जाते हैं। यह व्यंजन खासकर बच्चों में बहुत पसंद किया जाता है। रेवड़ी को आप त्योहार पर बच्चों और मेहमानों को दे सकते हैं। इसका महत्व केवल मिठास में ही नहीं है बल्कि यह पारिवारिक खुशी और मिलन का प्रतीक भी है।
खस्ता पकौड़े
मकर संक्रांति के दिन खस्ता पकौड़े बनाना भी कई घरों में चलन में है। यह व्यंजन खासकर शाम के समय चाय के साथ परोसा जाता है। खस्ता पकौड़े बेसन, घी और हल्के मसालों से बनते हैं। इनका स्वाद कुरकुरा और हल्का मीठा होता है। मकर संक्रांति पर पकौड़े बनाना पारंपरिक भोजन का हिस्सा माना जाता है। यह व्यंजन बच्चों और बुजुर्गों, दोनों के लिए पसंदीदा है। पकौड़े को घी में तलकर या बेक करके तैयार किया जा सकता है।

नारियल और गुड़ की बर्फी
मकर संक्रांति के दिन नारियल और गुड़ की बर्फी बनाना स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प है। बर्फी बनाने के लिए नारियल को कद्दूकस करके गुड़ के साथ मिलाया जाता है। इसे हल्का सा घी लगाकर तैयार किया जाता है। यह मिठाई स्वाद में हल्की और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है। मकर संक्रांति पर इसे बनाना पारंपरिक रीति है।